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(Intercession / मध्यस्थता)परमेश्वर की ओर से लोगों के सामने खड़े होना (Prophetic / वचन की सेवा)

Updated: Jul 10

1. कुछ marde e khuda लोगों की ओर से परमेश्वर के सामने खड़े होते हैं (Intercession)

 कुछ marde khuda परमेश्वर की ओर से लोगों के सामने खड़े होते हैं

Galatíoṉ 1

: 10Ab maiṉ ádmíoṉ ko dost banátá húṉ, yá Ḳhudá ko? kyá ádmíoṉ ko ḳhush karná cháhtá húṉ? agar ab tak ádmíoṉ ko ḳhush kartá rahtá, to Masíh ká banda na hotá.

11Ai bháiyo, maiṉ tumheṉ jatáe detá húṉ, ki jo ḳhushḳhabarí maiṉ ne sunáí, wuh insán kí sí nahíṉ. 12Kyúṉki wuh mujhe insán kí taraf se nahíṉ pahuṉchí, aur na mujhe sikháí gayí, balki Yisúʻ Masíh kí taraf se mujhe us ká mukáshafa húá.

जब इस्राएली जंगल में थे, तब उन्होंने बार-बार कहा:

Zabúr 106; 14Balki biyábán meṉ baṛí hirs kí,

Aur sahrá meṉ Ḳhudá ko ázmáyá.

15So us ne un kí murád to púrí kar dí,

Par un kí ján ko sukhá diyá.

"हमें याद है कि मिस्र में हम मछलियाँ, खीरे, खरबूजे, हरे साग, प्याज़ और लहसुन मुफ्त में खाते थे।" (गिनती 11:5)

मिस्र से निकलना और मिस्र काdil से न निकलना

जिस प्रकार इस्राएली मिस्र से तो निकल आए थे, परन्तु मिस्र उनके dil से नहीं निकला था, उसी प्रकार आज बहुत से लोग मसीह में विश्वास तो कर लेते हैं, परन्तु संसार की लालसाएँ उनके dilमें बनी रहती हैं।

इस्राएलियों ने जंगल में परमेश्वर के दिए हुए मन्ना से संतुष्ट होने के बजाय मिस्र की मछलियाँ, खीरे, खरबूजे, प्याज़ और लहसुन को याद किया (गिनती 11:4-6)। उनकी समस्या केवल भोजन नहीं थी, बल्कि उनका dil पुराने जीवन की ओर लगा हुआ था।

आज भी विश्वासी संसार के जीवन को छोड़ दे, परन्तु संसार की इच्छाएँ उसके भीतर बनी रहें। तब वह परमेश्वर की इच्छा से अधिक अपनी लालसाओं की पूर्ति चाहता है।

ऐसे समय में परमेश्वर के सेवक का कार्य लोगों की हर इच्छा पूरी कराने की प्रार्थना करना नहीं, बल्कि उन्हें पश्चाताप, संतोष और परमेश्वर की इच्छा में चलना सिखाना है। मूसा ने लोगों के लिए मध्यस्थता अवश्य की, परन्तु उसने उनकी लालसाओं को सही नहीं ठहराया। जब इस्राएलियों ने मांस की लालसा की, तब परमेश्वर ने उन्हें बटेर तो दिए, परन्तु उनके लालच के कारण उन पर न्याय भी आया (गिनती 11:18-20, 31-34)।

नए नियम में भी यही सिद्धांत है। याकूब 4:3 कहता है, "तुम माँगते हो और पाते नहीं, क्योंकि बुरी अभिलाषाओं में उड़ाने के लिए बुरी नीयत से माँगते हो।"

इसलिए एक सच्चा मसीही जीवन केवल संसार से बाहर निकलना नहीं है, बल्कि संसार की लालसाओं का हृदय से निकल जाना भी है। मसीह हमें केवल पाप के स्थान से नहीं निकालता, बल्कि हमारे dil को भी नया करता है, ताकि हम अपनी इच्छा नहीं, बल्कि परमेश्वर की इच्छा को खोजें।

गलातियों 5:16

"आत्मा के अनुसार चलो, तो शरीर की अभिलाषा कभी पूरी न करोगे।"

रोमियों 8:14

"14Is liye ki jitne Ḳhudá kí Rúh kí hidáyat se chalte haiṉ, wuhí Ḳhudá ke beṭe haiṉ.

यूहन्ना 6:26

"यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, 'मैं तुम से सच सच कहता हूँ, तुम मुझे इसलिए नहीं ढूंढ़ते कि तुम ने चिन्ह देखे, पर इसलिए कि तुम रोटियाँ खाकर तृप्त हुए।'"यूहन्ना 6:26

जो marde e khuda लोगों की ओर से परमेश्वर के सामने खड़े होते हैं

1. लोगों की ओर से परमेश्वर के सामने (Intercession)ये लोग परमेश्वर की उपस्थिति में लोगों के लिए वकालत करते हैं, दया माँगते हैं, पापों की क्षमा माँगते हैं और लोगों के बोझ को उठाते हैं।उदाहरण:

  • मूसा: जब इस्राएल ने गोल्डन कैल्फ बनाया और परमेश्वर ने उन्हें नष्ट करने की ठानी, तो मूसा ने कहा, “अगर तू इन्हें नहीं बख्शेगा तो मेरा नाम भी अपनी पुस्तक से मिटा दे” (निर्गमन 32)।

  • अब्राहम: सदोम-गोमोरा के लिए मोलभाव करता है (उत्पत्ति 18)।

  • यिर्मयाह, दानिय्येल, इजकियेल आदि भविष्यद्वक्ता बार-बार लोगों के लिए रोते-चीखते और प्रार्थना करते दिखते हैं।

  • यीशु मसीह स्वयं सबसे बड़ा Intercessor है (इब्रानियों 7:25)।

ये लोग परमेश्वर की दया और न्याय के बीच खड़े होकर लोगों को बचाने की कोशिश करते हैं।

ek wuh hai jo khuda ki marzi ko logo par zahir karta hai yani khda ki hi marzi puri ho ., or dusra wuh hai jo apni marzi khuda men puri hote hoye dekhna chahta hai

  • लोगों की ओर से परमेश्वर के सामने खड़े होना (Intercession / मध्यस्थता)

  • परमेश्वर की ओर से लोगों के सामने खड़े होना (Prophetic / वचन की सेवा)

  • 2. अपनी इच्छा को परमेश्वर के नाम से पूरा करने वाला

"यह व्यक्ति परमेश्वर का नाम तो लेता है, परन्तु उसके हृदय में अपनी इच्छा, अपनी पहचान, अपना प्रभाव या अपनी महिमा पूरी कराने की चाह हो सकती है।"

"सच्चा मरद-ए-ख़ुदा परमेश्वर से अपनी इच्छा पूरी नहीं करवाता, बल्कि स्वयं को परमेश्वर की इच्छा के अधीन कर देता है। वह लोगों पर अपनी नहीं, बल्कि परमेश्वर की इच्छा प्रकट करता है।"

2. परमेश्वर की ओर से लोगों के सामनेये लोग परमेश्वर की आवाज, वचन, अधिकार और इच्छा को लोगों के सामने प्रस्तुत करते हैं। वे सांत्वना, चेतावनी, भविष्यवाणी, उपदेश और आज्ञा देते हैं।

उदाहरण:

  • Moses ने इस्राएल के लिए बार-बार प्रार्थना की। (Exodus 32:11–14, 30–32)

  • Samuel ने लोगों के लिए प्रार्थना की। (1 Samuel 12:23)

  • Abraham ने सदोम के लिए बिनती की।

  • प्रार्थना करना।

  • लोगों के लिए बिनती करना।

  • परमेश्वर की दया माँगना।

  • जो : marde khuda परमेश्वर की ओर से लोगों के सामने खड़े होते हैं

  • मुख्य कार्य:

    • सत्य का प्रचार करना।

    • पश्चाताप का संदेश देना।

    • परमेश्वर की इच्छा प्रकट करना।

  • उदाहरण:

    • Jeremiah

      "मैंने अपने वचन तेरे मुँह में डाल दिए हैं।" (Jeremiah 1:9)

    • Ezekiel को चौकीदार बनाया गया कि जो परमेश्वर से सुने, वही लोगों को बताए। (Ezekiel 3:17)

    • Paul the Apostle ने स्वयं को मसीह का राजदूत (Ambassador) कहा। (2 Corinthians 5:20)


अनुग्रह के अधीन मुख्य अंतर

परमेश्वर की इच्छा

अपनी इच्छा

"तेरी इच्छा पूरी हो।"

"मेरी इच्छा पूरी हो।"

मसीह को महिमा

स्वयं को महिमा

वचन के अधीन

अपनी सोच के अधीन

आत्मा की अगुवाई

स्वार्थ की अगुवाई

मसीह की आत्मा हमें यह नहीं सिखाती कि हम परमेश्वर से अपनी इच्छा मनवाएँ, बल्कि यह कि हम स्वयं परमेश्वर की इच्छा के अधीन हो जाएँ। सच्ची सेवकाई वही है जो लोगों पर अपनी नहीं, बल्कि परमेश्वर की इच्छा प्रकट करे और कहे—'मेरी नहीं, तेरी इच्छा पूरी हो।'"

masih yisu के पास पूरा अधिकार hote hoye bhi asmaani baap ki or se , उन्होंने कभी उस अधिकार का उपयोग अपनी स्वतंत्र इच्छा चलाने के लिए नहीं किया। उन्होंने asmaani baap ki marzi ko zahir kiya or pura kiya

Matí 28

: 18 Yisúʻ ne kahá, ki Ásmán aur zamín ka kull iḳhtiyár mujhe diyá gayá hai.


Yúhanná 5:39 Tum kitáb i muqaddas meṉ ḍhúṉḍhte ho; kyúṉki samajhte ho ki us meṉ hamesha kí zindagí tumheṉ miltí hai; aur yih wuh hai, jo merí gawáhí deti hai;

19 Pas Yisúʻ ne un se kahá;

Maiṉ tum se sach sach kahtá húṉ, ki Beṭá áp se kuchh nahíṉ kar saktá, siwá us ke jo Báp ko karte dekhtá hai; kyúṉki jin kámoṉ ko wuh kartá hai, unheṉ Beṭá bhí usí tarah kartá hai.

30Maiṉ apne áp se kuchh nahíṉ kar saktá: jaisá suntá húṉ, ʻadálat kartá húṉ, aur merí ʻadálat rást hai; kyúṉki maiṉ apní marzí nahíṉ, balki apne bhejnewále kí marzí cháhtá húṉ.

31Agar maiṉ ḳhud apní gawáhí dúṉ, to merí gawáhí sachchí nahíṉ. 32Ek âur hai jo merí gawáhí detá hai, aur maiṉ jántá húṉ ki merí gawáhí jo wuh detá hai sachchí hai.


Yúhanná 6

: 38Kyúṉki maiṉ ásmán se utrá húṉ, na is liye ki apní marzí ke muwáfiq ʻamal karúṉ, balki is liye ki apne bhejnewále kí marzí ke muwáfiq ʻamal karúṉ.

Yúhanná 14

: Yih báteṉ jo maiṉ tum se kahtá húṉ, apní taraf se nahíṉ kahtá: lekin Báp mujh meṉ rahkar apne kám kartá hai. 11Merá yaqín karo, ki maiṉ Báp meṉ húṉ, aur Báp mujh meṉ; nahíṉ to mere kámoṉ hí ke sabab merá yaqín karo.

Lúqá 22

: : 42Ai Báp, agar tú cháhe, to yih piyála mujh se haṭá le; táham merí marzí nahíṉ, balki terí hí marzí púrí ho.


  • 1. शाऊल (Saul) — लोगों द्वारा चुना गया था


    लोगों ने राजा माँगा था, और परमेश्वर ने उनकी माँग के अनुसार शाऊल को दिया।मुख्य वर्सेज:

    • 1 शमूएल 8:5


      “और उन्होंने उससे कहा, अब तू बूढ़ा हो गया है, और तेरे बेटे तेरे मार्ग पर नहीं चलते; इसलिये अब हम पर भी सारी जातियों की नाई एक राजा नियुक्त कर दे, जो हम पर राज्य करे।”

    • 1 शमूएल 8:19-20


      “तौभी लोग मना करने से इनकार करते रहे... हम भी सारी जातियों की नाई एक राजा चाहते हैं...”

    • 1 शमूएल 9:16-17


      परमेश्वर शमूएल से कहता है: “कल इस समय के लगभग मैं एक मनुष्य को तेरे पास भेजूँगा... उसी को तू इस्राएल पर प्रधान ठहरा देगा, क्योंकि मैंने अपनी प्रजा की दुहाई सुनी है...”

    • 1 शमूएल 10:24


      “शमूएल ने सारी प्रजा से कहा, क्या तुम यहोवा के चुने हुए को देखते हो, जिसकी बराबरी सारी प्रजा में कोई नहीं?”


    → शाऊल लोगों की माँग और लोगों की पसंद के अनुसार आया।

  • 1 Samúel 16

    1Aur Ḳhudáwand ne Samúel se kahá, Tú kab tak Sáúl ke liye g̣am khátá rahegá, jis hál ki maiṉ ne use baní Isráíl ká bádsháh hone se radd kar diyá hai? tú apne síṉg meṉ tel bhar, aur já; maiṉ tujhe Baitlahmí Yassí ke pás bhejtá húṉ: kyúṉki maiṉ ne us ke beṭoṉ meṉ se ek ko apní taraf se bádsháh chuná hai.

  • 'Tab Samúel ne tel ká síṉg liyá, aur use us ke bháiyoṉ ke darmiyán masah kiyá: aur Ḳhudáwand kí rúh us din se áge ko Dáúd par názil hotí rahí. Phir Samúel uṭhkar Rámah ko chalá gayá.   '



    1 Samúel 16:13





 
 
 

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